कुंडली के  बारह भाव by Astrologer Ashwani Gautam

 

मेष लग्न कुंडली

 

यहाँ राशियों के साथ ( ) में उनके स्वामी भी दर्शाए गये हैं

मेष लग्न के व्यक्तियों के लिए –

1. तन भाव के स्वामी -     मंगल

2. धन भाव के स्वामी -     शुक्र

3. पराक्रम भाव के स्वामी – बुध

4. सुख भाव के स्वामी –     चन्द्रमा

5. सन्तान भाव के स्वामी - सूर्य

6. रोग भाव के स्वामी -     बुध

7. भार्या भाव के स्वामी -     शुक्र

8  आयु भाव के स्वामी -     मंगल

9. भाग्य भाव क स्वामी -     गुरु

10. कर्म भाव के स्वामी -     शनि

11. लाभ भाव के स्वामी -     शनि

12. व्यय भाव के स्वामी -     गुरु

यहाँ पहले भाव में मेष राशी है जिसका क्रम एक है इसलिए इसे मेष लग्न का जातक माना गया है | इसी प्रकार वृष लग्न इत्यादि का विचार किया गया है |